Wednesday, 24 July 2013

जिया, जेल और ज़िंदगी की परतें खोलता है सूरज पंचोली का साक्षात्कार


अभिनेत्री जिया ख़ान दो बार पहले भी आत्महत्या की कोशिश कर चुकी थी। सूरज माता-पिता के होते हुए भी चार कुत्तो के साथ अकेले रहते हैं और आर्थर रोड जेल में कैदियों द्वारा किशोरों का शारीरिक शोषण किया जाता है... यह सभी वो चौंकाने वाले तथ्य हैं जिनका खुलासा सूरज पंचोली के एक साक्षात्कार में हुआ है। जी हां, अभिनेत्री ज़रीना बहाव और अभिनेता आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली, जिन्हें अभिनेत्री जिया खान को आत्महत्या के लिए उकसाने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया था।  
 23 दिनों तक जेल में रहने के बाद ज़मानत पर रिहा हुए इस 22 वर्षीय युवा ने जब टाइम्स ऑफ इंडिया को अपना पहला साक्षात्कार दिया तो बेहद बेबाकी के साथ जिया खान से अपने संबंधो से लेकर जेल में गुज़ारे अपने दिनों और अपने परिवार के बारे में भी खुलकर बातें की। सूरज पंचोली के इस साक्षात्कार ने बहुत सी ऐसी बातों पर प्रकाश डाला है जिससे सभी पूरी तरह अनजान थे फिर चाहे वो जिया खान की ज़ाती ज़िंदगी हो या खुद सूरज पंचोली का निजी जीवन... इस साक्षात्कार से जो बातें निकल कर आईं हैं वो हैरान करने वाली हैं।

  • 14 साल की उम्र में बलात्कार का शिकार हुई थी जिया खान- 
इस साक्षात्कार में जिया के साथ अपने संबंधो की बात करते हुए सूरज बताते हैं कि जिया खान को फिल्मों में काम नहीं मिल रहा था और उनके पिछले ब्यॉयफ्रेंड भी उनका साथ छोड़ चुके थे जिसकी वजह से जिया खान
काफी असुरक्षित महसूस करती थी। इसलिए फेसबुक के ज़रिए जब अपने से चार साल छोटे सूरज से उनकी दोस्ती और फिर प्यार हुआ तो वो इस रिश्ते को लेकर काफी पोज़ेसिव हो गईं थी। हर रोज़, और हर छोटी से छोटी बात पर सूरज को फोन करना, हर जगह सूरज के साथ आना-जाना जिया की दिनचर्या में शामिल होता जा रहा था। जिया खान पहले भी दो बार आत्महत्या करने की कोशिश कर चुकी थीं। एक बार उन्होंने अपनी कलाई काटी थी और दूसरी  बार खुद को फांसी लगाने की कोशिश की। जिया ने सूरज को यह भी बताया था कि जब वो महज 14 वर्ष की थीं तो लंदन में, उम्र में उनसे काफी बड़े व्यक्ति ने उनके साथ बलात्कार किया था। यहीं नहीं पूर्व में उनके ब्यॉयफ्रेंड भी उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रता़ड़ित कर चुके थे। सूरज और जिया एक तरह से लिवइन रिश्ते में रह रहे थे।
यह सब जिया खान की ज़िंदगी के वो पहलू हैं, जिनसे हम सब कभी भी परिचित नहीं थे। सुना था और पढ़ा भी था कि चमक दमक और ग्लैमर के पीछे काफी दर्द छुपा होता है लेकिन जिया की ज़िंदगी की यह दास्तान काफी चौंकाने वाली है। सिर्फ 26 साल की इस लड़की ने वो सब देखा और झेला जो किसी के लिए भी आसान नहीं है।

  • 16 साल की उम्र से 4 कुत्तो के साथ अकेले रहते थे सूरज- 
इस साक्षात्कार में सूरज ने अपनी ज़िंदगी की भी दास्तां बयां की है। मां ज़रीना बहाव और पिता आदित्य पंचोली के बीच दरार आने के बाद सूरज जूहू में अपने दादा-दादी के साथ रहकर बड़ा हुआ। पांच साल पहले दादा-दादी के गुज़र जाने के बाद सूरज अकेला रह रहा था, उसके साथी सिर्फ उसके पालतू चार कुत्ते थे। जिया जिसे कि सूरज नफीसा कह कर संबोधित करता है, से अपने रिश्तों को लेकर सूरज काफी संवेदनशील था। वो नहीं चाहता था कि उसके रिश्ते का हाल भी उसके मम्मी पापा के रिश्ते जैसा हो इसलिए वह जिया की काफी फिक्र करता था और जहां तक हो सके उसके साथ रहने की कोशिश करता था। सूरज ने स्वीकार किया है कि वो जिया खान से अभी भी बेहद प्यार करता है और उसके साथ जिया का नाम जोड़े जाने पर उसे कोई आपत्ति नहीं है।
 सूरज के द्वारा कहीं गई यह बातें कहीं उसके जीवन के खालीपन का भी आईना है। सूरज भी अकेलेपन का शिकार था और रिश्तों को लेकर उसकी संवेदनशीलता ने ही उसे इतने समय तक जिया खान से जोड़े रखा। साथ ही सूरज का अपने परिवार को लेकर किया गया खुलासा उन सभी स्टार पुत्र-पुत्रियों के दर्द को बयां करता है जो चमक-दमक और दौलत ले भरी बॉलीवुड की दुनिया में रहते हुए भी अपने माता-पिता के अलगाव के कारण अकेलेपन से रूबरू होते हैं।

  • आर्थर रोड जेल में हो रहा है कैदियों का शारीरिक शोषण 
 अपने निजी रिश्तों और बातों के साथ साथ सूरज पंचोली का यह साक्षात्कार सांताक्रूज़ जेल के लॉकअप और
बदनाम आर्थर रोड जेल के हालात से भी वाकिफ कराता है। चार दिन तक सांताक्रूज लॉकअप में सूरज को एक बलात्कारी के साथ रखा गया। लॉकअप में गंदगी का आलम यह था कि एक उनके बिस्तर के पास ही पान की पीक और उल्टी बिखरी हुई थी। और चार दिनों तक सूरज को ऐसे ही रहना पड़ा। लॉकअप में तकिया और ओढ़ने के लिए कम्बल भी नहीं दिए गए। आर्थर रोड जेल के हालात तो और भी बदतर थे। यहां सूरज को अन्डा सेल में उस कोठरी के पास रखा गया था जहां कसाब को रखा गया था। सूरज के मुताबिक जेल में कैदियों के लगभग 10 गैंग बने हुए हैं जो अक्सर लड़ाई करते रहते थे। चूंकि जेल में चाकू उपलब्ध नहीं थे इसलिए ये गैंग चम्मचों को चाकू की तरह इस्तेमाल करते थे। यहीं नहीं अपने जेल में रहने के दौरान सूरज को यह भी पता चला कि कैदी वहां मौजूद 16 साल के बच्चों का शारीरिक शोषण भी करते हैं।
यह सारे तथ्य निश्चित तौर पर सरकार के जेल सुधार संबंधी सारे दावों की पोल खोलने वाले हैं। जेल और कैदियों के सुधार की बात करने वाली सरकार को निश्चित तौर पर इन तथ्यों की जांच करानी चाहिए। आखिर जेल और लॉकअप में सिर्फ कुख्यात अपराधी ही नहीं रहते बल्कि बहुत से अंडर ट्रायल आरोपी भी रहते हैं। और जिस तरह कैदियों द्वारा किशोर बच्चो के शारीरिक शोषण की बात सामने आई है, हालात काफी चिंताजनक है।