Wednesday, 31 July 2013

कुड़ियां ही नहीं दिल्ली के कुड़े भी टैनिंग से बचने के लिए पहने रहे हैं दस्ताने

दिल्ली में गर्मी पूरी तेज़ी पर है, और उतनी ही तेज़ी से लोकप्रिय हो रही हैं कड़कती धूप में दिल्ली वालो को सांवला होने से बचाने वाली पहरनें। और इनमें सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं, हाथ के लम्बे सूती दस्ताने। और आजकर जो इन्हें सबसे ज्यादा खरीद रहे हैं वो हैं दिल्ली के लड़के। 

पहले तो केवल कुड़ियां ही आपको सिर पर दुपट्टा लपेटे और हाथों में दस्ताने पहन कर तेज़ धूप में स्कूटी चलाती दिखती होंगी, लेकिन अब ज़माना बदल गया है जनाब, दिल्ली के कुड़े भी धूप के सांवलेपन- जिसे हम टैनिंग कहते हैं, से बचने के लिए सिर से पांव तक खुद को ढके हुए दिखने लगे हैं। यह लोग हेलमेट तो पहनते ही हैं, लेकिन साथ ही हेलमेट के नीचे चेहरे पर रूमाल भी बांध लिया जाता है ताकि हेलमेट के शीशे से होकर धूप इन तक ना पहुंच सके और साथ में दोनों हाथों में होते हैं सूती दस्ताने ताकि हाथों का रंग भी सांवला होने से बचा रहे।
 यह देखिए कुछ इस तरह का नज़ारा हमने सराय काले खां पर भी देखा जहां बाइक सवार लड़के अपने हाथों में दस्ताने पहन कर चल रहे थे।
रेड लाइट पर हाथों के लम्बे सूती दस्ताने बेचने वाले एक आदमी से हमने जब इस बारे में पूछा तो उसने मुस्कुराते हुए बताया कि मैडम आजकल लड़के लड़कियों में फर्क नहीं रह गया है। कोई काला नहीं दिखना चाहता। हमारे पास से तो बल्कि ज्यादातर लड़के ही दस्ताने खरीदते हैं। वैसे भी वो ही बाइक ज्यादा चलाते दिखते हैं। हम खुद ही हर किसी के पास यह कह कर अपने दस्ताने बेचने जाते हैं कि ले लो साहब हाथों का रंग काला नहीं होगा, तो अधिकतर लोग खरीद लेते हैं।